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अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने फिर बढ़ा दी ब्याज दरें, भारत पर ऐसे होगा असर

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अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने फिर बढ़ा दी ब्याज दरें, भारत पर ऐसे होगा असर


अमेरिका के सेंट्रल बैंक फेड रिजर्व ने लगातार 10वीं बार ब्याज दरों में इजाफा कर दिया है. फेड ने जिस स्पीड के साथ ब्याज दरों में इजाफा किया है उससे अमेरिका में 43 साल का रिकॉर्ड टूट गया है और अमेरिका में ब्याज दरें 16 साल के हाई पर पहुंच गई हैं. आंकड़ों के अनुसार फेड ने पॉलिसी रेट में 25 बेसिस प्वाइंट का इजाफा किया है. जिसके बाद ब्याज दरों की रेंज 5 से 5.25 फीसदी पर पहुंच गई हैं. वैसे फेड ने रेट हाइक पॉज के संकेत दिए हैं. वास्मव में अमेरिका में महंगाई रुकने का नाम नहीं ले रही है, जिसकी वजह से फेड को ब्याज दरों में इजाफा कर रहा है. इस रेट हाइक से अमेरिकी बैंकों पर भी दबाव बढ़ा है और बैंकिंग सेक्टर क्रैश होने की कगार पर खड़ा है. अमेरिका के तीन बैंक डूब चुके हैं और उन्हें दूसरे बड़े बैंकों ने खरीद लिया है.


ब्याज दरों में इजाफे का कारण
फेड ने ब्याज दरों में इजाफे का सिलसिला मार्च 2022 से शुरू किया था. उस समय रूस और यूक्रेन वॉर शुरू होने से दुनियाभर में सप्लाई चेन बाधित हुई थी और दुनियाभर के तमाम देशों में महंगाई बढ़ गई थी. इसके अलावा दुनिया की तमाम इकोनॉमी पर कोविड का असर भी देखने को मिल रहा था. उस समय अमेरिकी फेड ने ब्याज दरों में इजाफा जीरो से शुरू किया था जो आज 5 फीसदी से ज्यादा हो गया है. जानकारों का कहना है कि ब्याज दरों का यह लेवल तब देखने को मिला था जब अमेरिका में साल 2008 में मंदी आई थी. मतलब साफ है कि दुनिया में फिर से मंदी से संकेत मिलने शुरू हो गया है, लेकिन कोई देश इस पर खुलकर कहने को तैयार नहीं है.