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दिल्ली में बिजली गुल, पानी सप्लाई बंद, अब बारिश का येलो अलर्ट जारी

बारिश थमी और खतरे के निशान से लगभग 3 मीटर ऊपर बह रही यमुना का पानी बाढ़ का रूप लेकर दिल्ली को डराने लगा.
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दिल्ली में बिजली गुल, पानी सप्लाई बंद, अब बारिश का येलो अलर्ट जारी 

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नई दिल्ली: लगातार बरसने के बाद जब दिल्ली में बादल छंटे तब तक यमुना का जलस्तर राजधानी में अपने रिकॉर्ड स्तर को छू चुका था. बारिश थमी और खतरे के निशान से लगभग 3 मीटर ऊपर बह रही यमुना का पानी बाढ़ का रूप लेकर दिल्ली को डराने लगा. कहीं रेगुलर टूटे तो कहीं पानी का भारी भराव हो गया. ऐसे में दिल्ली मानो असहाय सी हो गई. सेना तक को मोर्चा संभालने के लिए उतरना पड़ा. अब हालात धीरे-धीरे ठीक हो रहे हैं, लेकिन पूरी तरह सही होने में अभी भी समय लगेगा. इसी बीच बारिश का येलो अलर्ट भी राजधानी में गूंज रहा है. जिसने एक बार फिर दिल्ली वालों को डरा दिया है. फिलहाल जानते हैं कि यमुना के इस बढ़े जलस्तर से दिल्ली का सूरत-ए-हाल क्या है.

दिल्ली में यमुना से सटे तिब्बती रिफ्यूजी कॉलोनी में रह रहे हजारों लोग परेशान हैं, क्योंकि बाढ़ से हालात बनने के कारण इस इलाके में बिजली-पानी का कनेक्शन बीते तीन दिन से ठप पड़ा है. ऐसे में लोगों की जिंदगी भी थम सी गई है. आउटर रिंग रोड पर स्थित तिब्बती रिफ्यूजी कॉलोनी में स्थित मकानों के बेसमेंट में पानी भरा हुआ है. रेस्टोरेंट के लिए स्टोर के रूप में इस्तेमाल किए जा रहे मकान में अचानक यमुना का जलस्तर बढ़ा तो पानी ग्राउंड फ्लोर के साथ-साथ बेसमेंट में घुसा और भारी नुकसान हो गया. मुसीबत और आई जब जलजमाव के कारण रिंग रोड बंद हुआ और ये कॉलोनी जिसे न्यू अरुणा नगर के नाम से भी जाना जाता है वो दिल्ली के बाकी हिस्सों के संपर्क से कट सी गई. उसके बाद बिजली पानी की सप्लाई काट दी गई और अब यहां घुप्प अंधेरा और सन्नाटा छाया हुआ है.

बिजली गुल! उमस से बेहाल
मजनू टिला के इस रिहायशी इलाके में अब हालात ये हैं कि गलियों में घुप्प अंधेरे के बीच यहां से लोग मोबाइल टॉर्च जला कर निकलते हुए दिखते हैं. ऐसे ही कुछ लोगों से TV9 ने बातचीत की तो पता चला कि ग्राउंड फ्लोर पर रहने वाले लोग सबसे ज्यादा परेशान हैं, क्योंकि तीन दिन से बिजली नहीं आई है. कुछ लोगों ने ऊपरी फ्लोर पर रहने वालों से लाइट का एक कनेक्शन उधार तो ले लिया लेकिन उमस भरी गर्मी के बीच पानी भी बंद होना उनके लिये मुश्किल समय ले कर आया.'

नॉर्थ ईस्ट के राज्यों से लोग यहाँ काम करने भी आते हैं. मणिपुर से आए कुछ लोगों से बातचीत की तो उन्होंने कहा कि हालात यदि ऐसे ही रहें तो उन्हें वापस अपने घर लौटना पड़ेगा. तिब्बती कॉलोनी मुख्य रूप से रेस्टॉरेंट्स, कैफे और शॉपिंग डेस्टिनेशन के रूप में पूरी दिल्ली में लोकप्रिय है. आम दिनों में भारी संख्या में लोग यहां घूमने, शॉपिंग और खाने पीने के लिए देर रात तक भी पहुंचते हैं, लेकिन बाढ़ के बाद अब यहां तक पहुंचना ही मुश्किल है.

ग्राउंड फ्लोर और बेसमेंट वालों को भारी नुकसान
चारों तरफ सड़क को जलजमाव के कारण ब्लॉक किया गया है. कॉलोनी के ऊपरी हिस्से में जलजमाव बेशक नहीं है, लेकिन आस-पास के इलाके जलमग्न होने का बड़ा असर इस पॉपुलर डेस्टिनेशन पर पड़ा है. मंदिर के पास जनरेटर से उजाला किया गया है तो कुछ लोग यहां देर रात बैठे दिखाई दिए. बातचीत में उन्होंने बताया कि जिन लोगों के रेस्टोरेंट, दुकानें या कैफे ग्राउंड फ्लोर और बेसमेंट में थे उन्हें भारी नुक्सान हुआ है.

अंधेरी और संकरी गलियों से आगे बढ़ने पर एक होटल के बाहर दो लोग अंधेरे में बैठे दिखते हैं. उनमें से एक का नाम कुंगा है, जो अरुणा नगर में ही रहते हैं. बाढ़ के कारण आई दिक्कतों पर वो कहते हैं कि मोबाइल टॉर्च जला कर रोशनी कर रखी है, लेकिन पूरी कॉलोनी तीन दिन से अंधेरे में है. बमुश्किल कहीं से मोबाइल चार्ज कर लिया लेकिन दिक्कतें काफी ज्यादा हैं. इस इलाके के एक होटल के मैनेजर अंकित का कहना है कि वो 10 साल से यहां रह रहे हैं, लेकिन उन्होंने कभी ऐसे हालात नहीं देखे.

अरुणा नगर या तिब्बती रिफ्यूजी कॉलोनी रौनक वाली जगह के रूप में पॉपुलर है और यहां लोगों का आना-जाना दिन रात जारी रहता है. इसके कारण यहां दर्जनों टैक्सियां हमेशा खड़ी मिलती हैं और स्टैंड से गाड़ियां भी लगातार आते-जाते दिख जाती हैं, लेकिन बाढ़ आने के बाद रिंग रोड पर परिचालन बंद हुआ तो गाड़ियां स्टैंड पर ही रह गईं. अब ड्राइवर बताते हैं कि पिछले तीन दिनों से उनके पास कुछ काम नहीं है. नुक्सान ही नुक्सान है.

अमीर-गरीब नहीं देखती आपदा
आपदा गरीब या अमीर नहीं देखती. सिविल लाइन के पॉश इलाके में रह रहे लोग हों या रिक्शे पर जिंदगी बिताने वाले मध्य प्रदेश के हरि सिंह. दिल्ली की बाढ़ ने नुक्सान सबका किया है. हरि सिंह की उम्र 70 साल है. रिक्शा चला कर गुजर बसर करते हैं. तीन दिन से कोई काम नहीं है. खाने पीने के लिए किसी के रहम भरोसे हैं. मजनू-का-टीला के पास ही यमुना के नजदीक रहने वालों की रात सड़क किनारे बीत रही है. घर पास में ही है, अभी पानी भरा हुआ है तो सड़क पर ही बिस्तर लगा लिया, लेकिन नींद किसी को नहीं आ रही. घरों में पानी घटा भी है, लेकिन फिलहाल सांप, बिच्छू और अन्य जानवरों का खतरा भी सता रहा है. परेशान हैं और रात जागते हुए सड़क पर बीत रही है. न बिजली है न पानी है, अंधेरे में हाथ से पंखा चला कर रात काट रहे हैं.